Bhagwan Se Baatcheet

फलाँ हादसे में xxx मजदूरों की मौत। बस इस तरह खबर बदल रही है। न आप बदल रहे, न हालात बाद रहे और न ही हम। पढ़िए ऐसी ही एक कविता "भगवान से बातचीत"।

Gaon Badal Gaye Bhai

बन बैठे आदर्श गाँव पर खो बैठे सच्चाई गाँव बदल गए भाई मेरे गाँव बदल गए भाई। This is the reality of modern time villages . Read the poem to know more about it.

Aurangabad Train Accident

हम न बचे पर शायद हमने मौत तुम्हारी गले लगाई.... जरा सोचिये ! पल भर को कल्पना कीजिये !खुद को उस मजदूर की जगह पर रख कर देखिये! To find more, read this

Mazdoor | International Labour Day | Hindi Poem

विश्व मजदूर दिवस पर लिखी इस हिंदी कविता में एक मजदूर के स्वाभिमानी होने की बात कही गयी है। अधिक जान्ने के लिए पढ़िए "मज़दूर"।

Kar Do Jugaad | Rural Area Hindi Poetry

कोरोना के चलते कई चीज़ों पर असर पड़ा है। ग्रामीण इलाकों में ऐसे ही कुछ छोटे छोटे अनुभवों की कड़ी है यह कविता।

Create a website or blog at WordPress.com

Up ↑